जिस नैया का श्याम खिवैया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जिस नैया का श्याम खिवैया वो नैया भला क्यूं डूबे.....

दुनियां की यारी तो बड़े बड़े की,

झूठी प्रीत नही श्याम धनी की,

कलयुग में आया कन्हैया वो नैया भला क्यूं डूबे,

जिस नैया का श्याम खिवैया वो नैया भला क्यूं डूबे.....

अंधे की मक्खी जैसे राम उड़ाए।श्याम का भरोसा भवसागर तिरावे,

करो भरोसा बहनों और भैया वो नैया भला क्यूं डूबे,

जिस नैया का श्याम खिवैया वो नैया भला क्यूं डूबे......

दुखड़े में साथी बने श्याम सांवरिया,

श्याम जी के प्यार में दुनियां बावरिया,

जो पड़े बाबा के पैयां वो नैया भला क्यूं डूबे,

जिस नैया का श्याम खिवैया वो नैया भला क्यूं डूबे.....

हमने हमेशा खाटू वाला अजमाया,

गंगा के जल सा कलश भरा पाया,

अरे भक्ति के बहे गंगा मैया वो नैया भला क्यूं डूबे,

जिस नैया का श्याम खिवैया वो नैया भला क्यूं डूबे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।