मैया सपनों में आती क्यों नहीं

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया सपनों में आती क्यों नहीं,

प्यारी सुरत दिखाती क्यों नही.....

तेरे मंदिर में माँ हम आ गए,

हमें दर्शन दिखाती क्यों नहीं,

हो मैया सपनों में आती क्यों नहीं.....

तेरी चुनरिया लाए तारो जड़ी,

तेरे मन को लुभाती क्यों नही,

हो मैया सपनों में आती क्यों नहीं…..

टीका हम लाए हीरों जड़ा,

इसको माथे लगाती क्यों नही,

हो मैया सपनों में आती क्यों नहीं…..

माता तो कुमाता ना होता,

हमें चरणों में बिठाती क्यों नहीं,

हो मैया सपनों में आती क्यों नहीं…..

भूल हमसे कौन सी हो गई,

मेरी गलती बताती क्यों नही,

हो मैया सपनों में आती क्यों नहीं…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।