आया बुलावा है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आया आया बुलावा है आया,

ओ माँ शेरावाली,

आया आया बुलावा है आया,

ओ माँ शेरावाली,

हो गयी है हो गयी है,

दया तेरी हम पर,

ओ माँ मेहरावाली,

आया आया बुलावा है आया,

ओ माँ शेरावाली,

आया आया बुलावा है आया,

तेरा शेरावाली,

जय जय अम्बे जय जगदम्बे,

कहते ही जायेंगे,

ऊंचे ऊंचे पहाड़ों पर हम,

चढ़ते ही जायेंगे,

जय जय अम्बे जय जगदम्बे,

कहते ही जायेंगे...

ऊंचे ऊंचे पहाड़ों पर हम,

चढ़ते ही जायेंगे,

थक भी अगर हम जायें,

तो डरना है नहीं,

पहुंच के माँ के मंदिर,

रुकना हमें वहीं,

देगी बल भी हमें ज्योतांवाली,

देगी बल भी हमें ज्योतांवाली,

आया आया बुलावा है आया,

ओ माँ शेरावाली,

हो गयी है हो गयी है,

दया तेरी हम पर,

ओ माँ मेहरावाली,

आया आया बुलावा है आया,

तेरा शेरावाली.....

मन एक तारा मेरा तुन तुन,

करता ही जा रहा,

तन बंजारा तेरे गुन गुन,

गुणगान गा रहा,

हा...

मन एक तारा मेरा तुन तुन,

करता ही जा रहा,

तन बंजारा तेरे गुन गुन,

गुणगान गा रहा,

हर धड़कन इस दिल की,

हर पल मुझे कहे,

पाने इनायत माँ की,

सर ये झुका ही दे,

है मेहरबान बड़ी पहाड़ावाली,

है मेहरबान बड़ी पहाड़ावाली,

आया आया बुलावा है आया,

तेरा शेरावाली,

हो गयी है हो गयी है,

दया तेरी हम पर,

ओ माँ मेहरावाली,

आया आया बुलावा है आया,

ओ माँ शेरावाली....

भवन है तेरा कितना सुन्दर,

कितना विशाल है,

दर्शन तेरे करता वो ही,

होता निहाल है,

हा...

भवन है तेरा कितना सुन्दर,

कितना विशाल है,

दर्शन तेरे करता वो ही,

होता निहाल है,

खली नहीं कोई लौटा,

आया है जो यहाँ,

लफ्ज़ो में एहसान माँ के,

हो पाए ना बयां,

भक्ति ही भक्ति दे लाटावाली,

भक्ति ही भक्ति दे लाटावाली,

आया आया बुलावा है आया,

ओ माँ शेरावाली,

आया आया बुलावा है आया,

तेरा शेरावाली,

हो गयी है हो गयी है,

दया तेरी हम पर,

ओ माँ मेहरावाली,

आया आया बुलावा है आया,

तेरा शेरावाली,

आया आया बुलावा है आया,

तेरा शेरावाली....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।