हम नैन बिछाए है, हे गणपति आ जाओ

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

हम नैन बिछाए है,

हे गणपति आ जाओ ॥

गणपति तुम हो बड़े दयालु,

किरपा कर दो हे किरपालु,

हर सांस बुलाए है,

हे गणपति आ जाओ,

हम नैन बिछाए,

हे गणपति आ जाओ ॥

पाप की गठरी सर पे भारी,

हम को है बस आस तुम्हारी,

बड़ा मन घबराए है,

हे गणपति आ जाओ,

हम नैन बिछाए है,

हे गणपति आ जाओ ॥

जग से हमने तोडा नाता,

गणपति तुमसे जोड़ा नाता,

तुझे नैना निहारे है,

हे गणपति आ जाओ,

हम नैन बिछाए हैं,

हे गणपति आ जाओ ॥

माथे पर सिंदूर है प्यारा,

पीताम्बर है तन पर धारा,

सब आस लगाए है,

हे गणपति आ जाओ,

हम नैन बिछाए हैं,

हे गणपति आ जाओ ॥

" मंजीत सिंह "

पैड प्लेयर=9887203444

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।