म्हारी कुल की देवी माँ भगत थारा लाड करे

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॥ पावन पाठ ॥

म्हारी कुल की देवी माँ,

बेटा थारा लाड करे.....

चुनड लायो हु में मैया जैपुरिया से जाके,

चार कुंठ में चार मोरिया गोटा सु जड़वाक़े,

थे तो ओढ़ दिखाओ माँ....

हीरा जड़िया हार मैया जी थारे ख़ातिर लाया,

बिन्दिया ल्याया बिछिया ल्याया पायलडी म्हे ल्याया,

ज्यामें बाजे गुघरिया....

आओ आओ जीमो मैया सुमिरण थाल सजाया,

म्हारे हाथा सु जिमासु खाओ थे मन चाया,

मांगा थांसु आशीर्वाद,

बेटा थारा लाड़ करे....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।