मैंने ढूंढ लिया संसार श्याम जैसा कोई नहीं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैंने ढूंढ लिया संसार श्याम जैसा कोई नहीं,

मुझे रख चरणां दे पास श्याम जैसा कोई नहीं.....

सुख भी आए श्याम दुख भी आए,

पानी के जैसे बहते जाए,

मैं करूं तुझ पे ऐतबार श्याम जैसा कोई नहीं,

मैंने ढूंढ लिया संसार......

इधर अंधेरा श्याम उधर अंधेरा,

मोह माया ने मुझको घेरा,

मुझे करो भव सागर पार श्याम जैसा कोई नहीं,

मैंने ढूंढ लिया संसार........

बीच भंवर में आकर खड़ी हूं,

तेरी शरण में आन पड़ी हूं,

अब पकड़ लो मेरा हाथ श्याम जैसा कोई नहीं,

मैंने ढूंढ लिया संसार........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।