श्री बाबोसा भगवान आरती

पारंपरिक
विष्णु भगवान आरती विविध भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज - ॐ जय जगदीश हरे

ॐ जय श्री बाबोसा बोलो जय श्री बाबोसा,

चूरू धाम में विराजत, रूप हनुमत सा,

ॐ जय श्री बाबोसा....

शीश मुकुट, कानो में कुंडल, लीले असवारी,

करे लीले असवारी,

हाथ में घोटा सोहे, छवि लागे प्यारी,

ॐ जय श्री बाबोसा....

कोठारी कुल के तुम दीपक, माँ छगनी नंदन,

बाबोसा, माँ छगनी नंदन,

श्री घेवर चंद के दुलारे, हो भय दुख भंजन,

ॐ जय श्री बाबोसा....

माघ शुक्ल की पँचम, जन्मे चूरू धाम,

बाबोसा, जन्मे चूरू धाम,

परिजन मिलकर जिनको, दिया था पन्ना नाम,

ॐ जय श्री बाबोसा....

भादव शुक्ल की पंचमी, स्वर्ग किया प्रस्थान,

बाबोसा, स्वर्ग किया प्रस्थान,

मिंगसर शुक्ल की पाँचम, बने बाबोसा भगवान,

ॐ जय श्री बाबोसा....

हनुमत के मन भाये, हो बाल बह्मचारी,

तुम बाल बह्मचारी,

भक्तो के हितकारी, तुम कलयुग अवतारी,

ॐ जय श्री बाबोसा....

परम् आराधिका मंजू बाईसा को, दी ऐसी सौगात,

बाबोसा दी ऐसी सौगात,

भक्तो का कल्याण वो कर रही, बाईसा दिन रात,

ॐ जय श्री बाबोसा....

इस कलयुग में बाबोसा की, महिमा है न्यारी,

हो महिमा है न्यारी,

तांती, भभूति, जल से मिट जाये, विपदाएं सारी,

ॐ जय श्री बाबोसा....

आरती बाबोसा की "दिलबर" जो कोई गावे,

बाबोसा, जो कोई गावे,

कहत श्री मंजू बाईसा, हर संकट टल जावे,

ॐ जय श्री बाबोसा....

ॐ जय श्री बाबोसा बोलो जय श्री बाबोसा,

चूरू धाम में विराजत, रूप हनुमत सा,

ॐ जय श्री बाबोसा....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।