हे गणनायक हे गजानन

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

हे गणनायक हे गजानन , हे गणनायक हे गजानन

प्रथम तुमको नमन करें , प्रथम तुमको नमन करें

तुम हो प्रखर बुद्धि के स्वामी तुम सम जगत में कोई न ज्ञानी

बुद्धि परीक्षा जब शिव ने लीन्ही, तब तुमने उनकी प्रदिक्षणा किन्ही

गौरा मन ही मन हरषाई , शिव जी बोले तुम महाज्ञानी

हे गणनायक हे गजानन , हे गणनायक हे गजानन

प्रथम तुमको नमन करें , प्रथम तुमको नमन करें

ऋद्धि सिद्धि तुमरे आधीना , तुमरी महिमा कोई न जाना

मेरी इतनी अरज है तुमसे मुख से न निकले कभी कटु वाणी

जब मृत्यु निकट मेरे आये द्वार तुम्हरे वो ले जाए

हे गणनायक हे गजानन , हे गणनायक हे गजानन

प्रथम तुमको नमन करें , प्रथम तुमको नमन करें

लेखिका और प्रेषक

प्रियंका अग्निहोत्री

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।