नो दिनों तक लागे मेला

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

नो दिनों तक लागे मेला,

माँ के हो जगराते,

आये तेरे नवरात्रे,

मैया के नवरात्रे,

आये तेरे नवरात्रे,

मैया के नवरात्रे….

कोई माँ की ज्योत जलाये,

कोई फूल चढ़ाता,

कोई माँ को इत्र लगाकर,

जयकारे है लगाता,

दर्शन करने मैया के,

भगत हैं आते जाते,

आये तेरे नवरात्रे,

मैया के नवरात्रे…..

कोई तुम्हारी महिमा गाये,

नारियल चुनरी चढ़ाए,

हलवा पूरी छोले बनाकर,

तुमको भोग लगाए,

कंजक रूप में आई मैया,

दी सबको सौगातें,

आये तेरे नवरात्रे,

मैया के नवरात्रे…….

तेरी दया से लिखे भजन,

राजा गुहेर मैया,

सारी उम्र साथ निभाना,

देर ना करना मैया,

झूम रहा है मन मेरा,

गुण तेरा है गातें,

आये तेरे नवरात्रे,

मैया के नवरात्रे……….

नो दिनों तक लागे मेला,

माँ के हो जगराते,

आये तेरे नवरात्रे,

मैया के नवरात्रे,

आये तेरे नवरात्रे,

मैया के नवरात्रे…….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।