स्वर्ग से सुन्दर धाम

पारंपरिक
माता दुर्गा आरती दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

स्वर्ग से सुन्दर धाम, जहाँ मैया का दरबार,

दर्शन कर ले प्राणी, जीवन मिले ना बारम्बार…….

सूरज की किरणें तेरी, ज्योति जगाये,

चंदा की किरणे तेरी, आरती गायें,

टिमटिम करते तारे, जैसे पायल की झंकार,

दर्शन कर ले प्राणी, जीवन मिले ना बारम्बार….

भक्ति तेरी है मैया, गंगा की धारा,

शक्ति तेरी है मैया, यमुना की धारा,

भक्ति शक्ति के संगम में, जीवन का उद्धार,

दर्शन कर ले प्राणी, जीवन मिले ना बारम्बार…

जल थल नभ सब, तेरे सहारे,

ममतामयी माँ तुझको, भक्त पुकारे,

सुन ले करुण पुकार मैया, कर दे बेड़ा पार,

दर्शन कर ले प्राणी, जीवन मिले ना बारम्बार…….

अम्बे जगदम्बे काली, नाम है तेरा,

कष्ट मिटाना सबका, काम है तेरा,

माया गाए धूम मचायें, तेरी जय जयकार,

दर्शन कर ले प्राणी, जीवन मिले ना बारम्बार……..

स्वर्ग से सुन्दर धाम, जहाँ मैया का दरबार,

दर्शन कर ले प्राणी, जीवन मिले ना बारम्बार….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।