माँ करू मैं तेरा शुक्रिया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मेरी चाहतों से भी ज्यादा दिया,

हरपल करूँ मैं तेरा शुक्रिया,

मेरी चाहतों से भी ज्यादा दिया,

हर पल करूँ मैं तेरा शुक्रिया.....

तुम्हारे रहम से गुज़ारा चले,

ये परिवार भी हमारा पले,

करम अपना तूने जो मैया किया,

हरपल करूँ मैं तेरा शुक्रिया,

हर पल करूँ मैं तेरा शुक्रिया.....

हुआ धन्य जीवन मेरा आपसे,

सकूँ दिल को मिलता तेरे जाप से,

मजा लेके हर लम्हा मैंने जिया,

हरपल करूँ मैं तेरा शुक्रिया,

हर पल करूँ मैं तेरा शुक्रिया.....

जो तुमसा किसी का निगेहबान हो,

वो कुंदन कभी ना परेशान हो,

मेहरबानियों का तूने ख़जाना दिया,

हरपल करूँ मैं तेरा शुक्रिया,

हर पल करूँ मैं तेरा शुक्रिया.....

मेरी चाहतों से भी ज्यादा दिया,

हरपल करूँ मैं तेरा शुक्रिया,

मेरी चाहतों से भी ज्यादा दिया,

हर पल करूँ मैं तेरा शुक्रिया.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।