मुक्ति मिल जाए जीवन में

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

अरे मुक्ति अरे मुक्ति,

मुक्ति मिल जाए जीवन में,

करलु तेरे दर्शन मैं,

मुक्ति मिल जाए जीवन में,

करलु माँ तेरे दर्शन मैं….

साथ है तेरा तो दर कैसा,

धन दौलत और रुपया पैसा,

करदु तुझको अर्पण मैं,

करलु तेरे दर्शन मैं.....

अरे मुक्ति अरे मुक्ति,

मुक्ति मिल जाए जीवन में,

करलु तेरे दर्शन मैं,

मुक्ति मिल जाए जीवन में,

करलु माँ तेरे दर्शन मै....

नभ में और जल थल में तू है,

हर मौसम हर पे तू है,

तुहि बसी है कण कण में,

करलु माँ तेरे दर्शन मैं....

देखे बहुत जीवन में अँधेरे,

एक दिन बदलेंगे दिन तेरे,

लोकेश पड़ा है क्यों चिंता में,

करलु माँ तेरे दर्शन मैं…..

मुक्ति मिल जाए जीवन में,

करलु जो तेरे दर्शन मैं,

मुक्ति मिल जाए जीवन में,

करलु माँ तेरे दर्शन मैं….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।