काली लिए खड़ी तलवार

पारंपरिक
श्री राम भजन दुर्गा भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

काली लिए खड़ी तलवार, दानव घेर घेर के मारे,

दानव घेर घेर के मारे, दानव घेर घेर के मारे,

काली लिए खड़ी तलवार, दानव घेर घेर के मारे....

ब्रह्मा भी उन से हारे, विष्णु भी उनसे हारे,

औ नारद पड़े शरण में आय, दानव घेर घेर के मारे,

काली लिए खड़ी तलवार,दानव घेर घेर के मारे.....

श्री राम भी उनसे हारे, लक्ष्मण भी उनसे हारे,

औ हनुमत पड़े शरण में आय, दानव घेर घेर के मारे,

काली लिए खड़ी तलवार,दानव घेर घेर के मारे.....

मोहन भी उन से हारे, ग्वाले भी उनसे हारे,

औ राधा रानी पड़ी शरण के माय, दानव घेर घेर के मारे,

काली लिए खड़ी तलवार,दानव घेर घेर के मारे.....

मैया भी उनसे हारी, भैरव भी उनसे हारे,

ओ लांगूर पड़े शरण में आय, दानव घेर घेर के मारे,

काली लिए खड़ी तलवार,दानव घेर घेर के मारे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।