जाग ज्वाला मैनु तेरा ही सहारा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जाग ज्वाला मैनु तेरा ही सहारा,

तेरा-तेरा तेरा मैनु तेरा ही सहारा,

जाग ज्वाला मैनु तेरा ही सहारा....

जद मैं मां दे चरण धुलावां,

गंगा मैया घर मेरे आवे,

घर बिच जल वरसाया मैनु तेरा ही सहारा,

जाग ज्वाला मैनु तेरा ही सहारा....

जद मैं मां नू तिलक लगावां,

कुमकुम मैया घर मेरे आवे ,

घर बिच रंग वरसाया मैनु तेरा ही सहारा,

जाग ज्वाला मैनु तेरा ही सहारा....

जद मैं मां नु हार पहनावां,

हारां वाली घर मेरे आवे ,

घर विच फुल वरसाए मैनु तेरा ही सहारा ,

जाग ज्वाला मैनु तेरा ही सहारा....

जद मैं मां न भोग लगांवां,

अनपूरणां घर मेरे आवे,

भरे भंडारे मेरे ओ मैनु तेरा ही सहारा,

जाग ज्वाला मैनु तेरा ही सहारा....

जद मैं मां दी जोत जगावां,

जबाला मैया घर मेरे आवे,

घर बिच चानण होया मैनु तेरा ही सहारा,

जाग ज्वाला मैनु तेरा ही सहारा....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।