भक्तों की पुकार है दुखी संसार है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

भक्तों की पुकार है दुखी संसार है,

आजा मेरी काली मैया तेरा इंतजार है…..

मैया जी के मंदिर में पूजा करने जाऊँगी,

रो रो के अपनी कहानी सुनाऊंगी,

अब तो मेरी काली मैया लाज तेरे हाथ है,

आजा मेरी काली मैया तेरा इंतजार है ,

भक्तों की पुकार है दुखी संसार है,

आजा मेरी काली मैया तेरा इंतजार है…..

मैया जी के मंदिर में काली घटा छाई है,

पूजा करने वालों में मस्ती सी आई है,

कभी कभी दिन है तो कभी कभी रात है,

आजा मेरी काली मैया तेरा इंतजार है ,

भक्तों की पुकार है दुखी संसार है,

आजा मेरी काली मैया तेरा इंतजार है…..

मैया जी के मंदिर में नौकर लग जाऊँगी,

बाती के बदले मैं दिल को लगाऊँगी,

कभी कभी जीत है तो कभी कभी हार है,

आजा मेरी काली मैया तेरा इंतजार है ,

भक्तों की पुकार है दुखी संसार है,

आजा मेरी काली मैया तेरा इंतजार है…..

बीच भवंर में नैया पड़ी है,

सोचो ना समझो ये कब से पड़ी है,

कर दो इशारा मैया मेरा बेडा पार है,

आजा मेरी काली मैया तेरा इंतजार है ,

भक्तों की पुकार है दुखी संसार है,

आजा मेरी काली मैया तेरा इंतजार है…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।