बरसेंगे नैना मेरे तरसेंगे नैना

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

बरसेंगे नैना मेरे, तरसेंगे नैना,

खोलो खोलो मैया जी दरवाजा,

आजा आजा पहाड़ा वाली आजा,

आजा आजा पहाड़ा वाली आजा,

बरसेंगे नैना मेरे, तरसेंगे नैना.....

दुनिया का बेडा पार लगाया,

मैं भी तो मैया मझधार में आया,

मेरी नैया को पार लगा जा,

आजा आजा पहाड़ा वाली आजा,

आजा आजा पहाड़ा वाली आजा,

बरसेंगे नैना मेरे, तरसेंगे नैना……

जगमग जगमग आरती उतारूँ,

मैं तो मैया तेरे दर पे आऊँ,

मेरे हृदय में जोत जगा जा,

आजा आजा पहाड़ा वाली आजा,

आजा आजा पहाड़ा वाली आजा,

बरसेंगे नैना मेरे, तरसेंगे नैना……

दिल के ये घाव मैया किसको दिखाऊ,

तू ना सुने तो मैया किसको सुनाऊं,

मेरे सपने सच बना जा,

आजा आजा पहाड़ा वाली आजा,

आजा आजा पहाड़ा वाली आजा,

बरसेंगे नैना मेरे, तरसेंगे नैना……

बरसेंगे नैना मेरे, तरसेंगे नैना,

खोलो खोलो मैया जी दरवाजा,

आजा आजा पहाड़ा वाली आजा,

आजा आजा पहाड़ा वाली आजा,

बरसेंगे नैना मेरे, तरसेंगे नैना….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।