वो है जग से बेमिसाल

लखबीर सिंह लक्खा
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

कोई कमी नहीं है,

दर मैया के जाके देख,

देगी तुझे दर्शन मैया,

तू सर को झुका के देख,

अगर आजमाना है,

तो आज़मा के देख,

पल भर में भरेंगी झोली,

तू झोली फैला के देख.....

वो है जग से बेमिसाल सखी,

माँ शेरोवाली कमाल,

सखी री तुझे क्या बतलाऊ,

तुझे क्या बतलाऊँ,

वो है कितनी दीनदयाल,

सखी री तुझे क्या बतलाऊँ,

तुझे क्या बतलाऊँ.....

जो सच्चे दिल से,

द्वार मैया के जाता है,

वो मुँह माँगा वर,

जग जननी से पाता है,

फिर रहे ना वो, कंगाल सखी,

हो जाए मालामाल,

सखी री तुझे क्या बतलाऊँ,

वो है कितनी दीनदयाल,

सखी री तुझे क्या बतलाऊँ,

तुझे क्या बतलाऊँ......

माँ पल पल करती,

अपने भगत की रखवाली,

दुख रोग हरे, एक पल में माँ शेरोवाली,

करे पूरे सभी सवाल सखी,

बस मन से भरम निकाल सखी,

सखी री तुझे क्या बतलाऊँ,

वो है कितनी दीनदयाल,

सखी री तुझे क्या बतलाऊँ,

तुझे क्या बतलाऊँ.....

माँ भर दे खाली गोद,

की आँगन भर देवे,

ख़ुशियों के लगा दे ढ़ेर,

सुहागन कर देवे,

माँओ को देती लाल सखी,

रहने दे ना कोई मलाल सखी,

सखी री तुझे क्या बतलाऊँ,

वो है कितनी दीनदयाल,

सखी री तुझे क्या बतलाऊँ,

तुझे क्या बतलाऊँ......

हर कमी करे पूरी,

माँ अपने प्यारो की,

लंबी है कहानी,

मैया के उपकरों की,

देती है मुसीबत टाल सखी,

कहा जाए ना सारा हाल सखी,

सखी री तुझे क्या बतलाऊँ,

वो है कितनी दीनदयाल,

सखी री तुझे क्या बतलाऊँ,

तुझे क्या बतलाऊँ.....

वो है जग से बेमिसाल सखी,

माँ शेरोवली कमाल सखी,

तुझे क्या बतलाऊ,

वो है कितनी दीन-दयाल,

सखी री तुझे क्या बतलाऊ,

तुझे क्या बतलाऊ…

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।