मैंने मैया की चौकी कराई

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैंने मैया की चौकी कराई,

सब मुझे दे रहे है बधाई.....

करके आई है माँ शेर सवारी देखो,

झोपड़ी हो गई पवित्र हमारी देखो,

लाल चूड़ा चमक रहा है माँ के हाथो में,

चाँद सी बिंदिया लगी माथे पे प्यारी देखो,

सबसे पहले उतारी मैंने नजर मैया की,

दूजे फिर पाओ ये तकदीर सवारी देखो,

मुझको देखा तो माँ मुस्कुराई.....

माँ के दरबार का पावन है नजारा देखो,

हर तरफ गूंजता है माँ का जयकारा देखो,

सबकी झोली है भरी मेरी भोली मैया ने,

बारी बारी है सबका नाम पुकारा देखो,

देख कर एक झलक दिल ये कहां भरता है,

नैन कहते है चलो माँ को दोबारा देखो,

देगी ममता जगदम्बे महामाई......

विधि से ज्योत जगाई तो कृपा बरसी है,

मन से अरदास कराई तो कृपा बरसी है,

अपने हाथो से बनाये है हार फूलो के,

मूर्ति माँ की सजाई तो कृपा बरसी है,

हमने हर सांस में सुमिरन किया है मैया का,

भेट मैया को सुनाई तो कृपा बरसी है ,

मेरी माँ ने है लीला रचाई.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।