माये माये तैनू अवाज़ा मारदी

मास्टर सलीम
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माये........

माये माये माये तैनू अवाज़ा मारदी,

जींद मेरी हिम्मत जदो भी हारदी,

आदत है मैनु तेरे ही दुलार दी,

तेरे वाजो कुझ भी ना मैं विचारदी,

मावा दा सहारा जेहनु मेरी अमिये,

डुबदी ना कदे ओह्दी बेड़ी अमिये,

मावा दी असीस रब भी न मोड़दा,

किवे मैं तारीफ़ करा तेरी अमिये,

जे सच मैं क़वा ते.....

तू ही सब कुझ मेरे परिवार दी,

माये माये माये तैनू अवाज़ा मारदी.....

मेरिया अखां दे विच नूर तेरा वसया,

साहा विच अमिये सरूर तेरा वसया,

जो भी तू सिखाया तू पढ़ाया मैनु अमिये,

दिल विच सबक सरूर तेरा वसया,

मिसाल नहियो दूजी तेरे प्यार, दुलार ते तेरे उपकार दी,

माये माये माये तैनू अवाज़ा मारदी.....

जद जद भी तू हथ सिर मेरे धर दी,

तद तद दिल होवे रूह मेरी ठरदी,

ज़िंदगी असल ओहि साहिल मैं आखा,

जेहड़ी नज़दीक तेरे अमिये गुज़रदी,

नसीब मेरा जग पे, वारी जदो आयी तेरे दीदार दी,

माये माये माये तैनू अवाज़ा मारदी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।