लाल फूलों की आई है बहार

पारंपरिक
श्री गणेश भजन दुर्गा भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

लाल फूलों की आई है बहार मैया तेरे मंदिर में.....

फुल चढ़ाने को गणपति आए,

संग में अपने रिद्धि सिद्धि लाए,

होके मूषक सवार मैया तेरे मंदिर में,

लाल फूलों की आई है बहार मैया तेरे मंदिर में.....

फुल चढाने को ब्रम्हा जी आए,

संग में अपने ब्रम्हाणी को लाए,

होक हंस सवार मैया तेरे मंदिर में,

लाल फूलों की आई है बहार मैया तेरे मंदिर में.....

फुल चढ़ाने को विष्णु जी आए,

संग में अपने लक्ष्मी को लाए,

हो के गरुड़ सवार मैया तेरे मंदिर में,

लाल फूलों की आई है बहार मैया तेरे मंदिर में.....

फुल चढ़ाने को शंकर जी आए,

संग में अपने गौरा माँ को लाए,

होके बैल सवार मैया तेरे मंदिर में,

लाल फूलों की आई है बहार मैया तेरे मंदिर में.....

फुल चढाने को राम जी आए,

संग में अपने सीता माँ को लाए,

होके रथ पे सवार मैया तेरे मंदिर में,

लाल फूलों की आई है बहार मैया तेरे मंदिर में.....

फुल चढाने को कान्हा जी आए,

संग में अपने राधा को लाए,

होक मोर सवार मैया तेरे मंदिर में,

लाल फूलों की आई है बहार मैया तेरे मंदिर में.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।