बल्ले बल्ले जी मैया दे नवराते आ गए

पारंपरिक
हनुमान जी आरती दुर्गा भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बल्ले बल्ले जी मैया दे नवराते आ गए,

शावा शावा जी मैया दे नवराते आ गए,

आओ रल मिल भेंटां गाईए,

की मैया दे नवराते आ गए....

राम जी ते सीता मैया आरती उतारे,

आकर हनुमान फूल बरसाए,

मैया दे नवराते आ गए,

बल्ले बल्ले जी मैया दे नवराते आ गए....

श्याम जी ते राधा रानी आरती उतारे,

आकर दाऊ फूल बरसाए,

मैया दे नवराते आ गए,

बल्ले बल्ले जी मैया दे नवराते आ गए.....

भोले जी ते गोरा मैया आरती उतारें,

आकर नंदी फूल बरसाए,

मैया दे नवराते आ गए,

बल्ले बल्ले जी मैया दे नवराते आ गए,

हो शावा शावा जी मैया दे नवराते आ गए.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।