नव दुर्गे पूछ रही

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

नव दुर्गे पूछ रही किसी ने मेरा शेर देखा,

शेर देखा मेरा शेर देखा….

मैया तेरा शेर हमने जम्मू में देखा,

जम्मू में देखा मैया जम्मू में देखा,

माँ वैष्णो को घुमाते हुए,

ओ मैया तेरा शेर देखा,

नव दुर्गे पूछ रही किसी ने मेरा शेर देखा…

मैया तेरा शेर हमने कलकता में देखा,

कलकता में देखा मैया कलकता में देखा,

माँ काली को घुमाते हुए,

ओ मैया तेरा शेर देखा,

नव दुर्गे पूछ रही किसी ने मेरा शेर देखा…..

मैया तेरा शेर हमने विन्ध्याचल में देखा,

विन्ध्याचल में देखा मैया विन्ध्याचल में देखा,

विन्ध्याचल घुमाते हुए,

ओ मैया तेरा शेर देखा,

नव दुर्गे पूछ रही किसी ने मेरा शेर देखा……

मैया तेरा शेर हमने मंदिर में देखा,

मंदिर में देखा मैया मंदिर में देखा,

शेरावाली को घुमाते हुए,

ओ मैया तेरा शेर देखा,

नव दुर्गे पूछ रही किसी ने मेरा शेर देखा…

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।