शिव शंकर के प्यारे प्यारे धनुआ

पारंपरिक
महादेव भजन राम भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव शंकर के प्यारे प्यारे धनुआ,

तुझको प्रणाम मेरा करता है राम तेरा,

बीच सभा में राखो लाज हो,

शिव शंकर के प्यारे प्यारे धनुआ......

हाथ लगाऊं तो तुम फूल बन जाना,

मेरे इशारे पर तुम मुड़ते ही जाना,

कहीं ये लोग मेरी हंसी ना उड़ाएं,

तुझ पर तो राम ने है सपने सजाये,

घडी इम्तेहान की है रघुकुल की आन की है,

बीच सभा में राखो लाज हो,

शिव शंकर के प्यारे प्यारे धनुआ.....

ॐ नमः शिवाय .....ॐ नमः शिवाय

प्रीत की रीत आज तुझमे समाई,

साड़ी सभा ने नज़रें तुझपे टिकाई,

कहीं ये लोग मेरी हंसी ना उड़ाएं,

तुझ पर तो राम ने है सपने सजाये,

घडी इम्तेहान की है मुश्किल में जान की है,

बीच सभा में राखो लाज हो,

शिव शंकर के प्यारे प्यारे धनुआ......

ॐ नमः शिवाय .....ॐ नमः शिवाय

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।