राहों मे तेरी क्यों कदम थम गये,

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राहों मे तेरी क्यों कदम थम गये,

कन्हैया क्यूँ तुमसे बदल हम गये,

राहों मे तेरी कदम थम गये,

कन्हैया क्यूँ तुमसे बदल हम गये,

राहो मे तेरी.........

यह कहना ग़लत है रुलाया है तुमने,

कैसे कहे की भुलाया है तुमने,

जाग के चलाओ से बहेल हम गये,

कन्हैया क्यूँ तुमसे बदल हम गये,

राहो मे तेरी.....

इशारो को तेरे स्माझ ना सके हम,

ग़लती पे ग़लती करते गये हम,

भरम जाल मेी क्यूँ फिसल हम गये,

कन्हैया क्यूँ तुमसे बदल हम गये,

राहो मे तेरी........

एहसान तेरे कैसे चुकाए,

किससे तुम्हारे कैसे सुनाए,

करे क्या बयान शब्द कम पद गये,

कन्हैया क्यूँ तुमसे बदल हम गये,

राहो मे तेरी........

तेरा लाल सूरज जब लड़खदाया

एहसास तेरा सदा संग पाया,

तुमने जो थमा तो संभाल हम गये,

कन्हैया क्यूँ तुमसे बदल हम गये,

राहो मे तेरी......

राहों मे तेरी कदम थम गये,

कन्हैया क्यूँ तुमसे बदल हम गये,

राहो मे तेरी........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।