सबसे बड़ा तेरा नाम

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

हे काल के पंजे से माता बचाओ,

जय माँ अष्ट भवानी,

काल के पंजे से माता बचाओ,

जय माँ अष्ट भवानी माँ,

जय माँ अष्ट भवानी माँ,

जय माँ अष्ट भवानी……..

हे नाम रे,

सबसे बड़ा तेरा नाम,

ओ शेरोंवाली, ऊँचे डेरों वाली,

बिगड़े बना दे मेरे काम, नाम रे…..

हे नाम रे,

सबसे बड़ा तेरा नाम,

ओ शेरोंवाली, ऊँचे डेरों वाली,

बिगड़े बना दे मेरे काम, नाम रे…….

ऐसा कठिन पल ऐसे घड़ी है,

विपदा आन पड़ी है,

तू ही दिखा अब रस्ता,

ये दुनिया रास्ता रोके खड़ी है,

रास्ता रोके खड़ी है……

मेरा जीवन बना इक संग्राम,

शेरोंवाली, ऊँचे डेरों वाली,

बिगड़े बना दे मेरे काम, नाम रे…..

हे नाम रे,

सबसे बड़ा तेरा नाम,

ओ शेरोंवाली, ऊँचे डेरों वाली,

बिगड़े बना दे मेरे काम, नाम रे…..

भक्तों को दुष्टों से छुड़ाए,

बुझती जोत जगाई,

जिसका नहीं है कोई जगत में,

तू उसकी बन जाए,

तू उसकी बन जाए…

तीनो लोक करे तोहे प्रणाम,

शेरोंवाली, ऊँचे डेरों वाली,

बिगड़े बना दे मेरे काम, नाम रे.....

हे नाम रे,

सबसे बड़ा तेरा नाम,

ओ शेरोंवाली, ऊँचे डेरों वाली,

बिगड़े बना दे मेरे काम, नाम रे.....

हे, किसकी बलि चढ़ाऊँ तुझपे,

तू प्रसन्न हो जाए,

दुश्मन थर थर काँपे माँ,

जब तू गुस्से में आये माँ,

तू गुस्से में आये माँ,

तू गुस्से में आये…...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।