भजन के बिना तूने ये जीवन गंवाया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन दुर्गा भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भजन के बिना तूने ये जीवन गंवाया,

कभी ये ना सोचा कि इस जग में,

आकर क्या तूने खोया क्या तूने पाया……..

जिसने दी ज़िन्दगी,उसने सब कुछ दिया,

भूलकर ना कभी नाम उसका लिया,

श्याम नाम के बिन नही कोई दूजा,

हरि नाम के बिन नही कोई दूजा,

तेरा साथ छोड़ेगा तेरा ही साया….

मोह माया के बंधन में है तू फंसा,

ना कभी सोचता क्या बुरा क्या भला,

सभी जानता है मगर जानकर भी,

की अमृत समझकर जहर तूने खाया…

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।