तेरे कैलाशो में डमरुँ बजते तेरे नाम के

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तेरे कैलाशो में डमरुँ,

बजते तेरे नाम के,

चाँद तारे और सूरज,

चलते तेरे नाम से,

ओ मेरे भोले बाबा,

हमको भी बुला लेना,

सर पे मेरे हाथ रख के,

बिगड़ी मेरी बना देना,

जय हो मेरे भोले बाबा,

जय हो मेरे शंकरा,

जय हो मेरे भोले बाबा,

जय हो मेरे शंकरा……..

दर पे तेरे आये जो भी,

सबके दुखड़े सुनता है,

जपते हैं जो नाम तेरा,

कष्ट उनके हरता है,

मैं भी भोले शरण तेरी,

मुझको भी अपना लेना,

फिर रहा हूँ, दर-बदर मैं,

आके अपना बना लेना,

जय हो मेरे भोले बाबा,

जय हो मेरे शंकरा....

देवों के देव तुम हो,

मेरे महादेवा,

भगतों के देते दरस जो,

करें तेरी सेवा,

दिल में मेरे तुम ही भोले,

दिल से दिल को लगा लेना,

प्यार मेरा तुम ही भोले,

प्यार को तुम बढ़ा देना,

जय हो मेरे भोले बाबा,

जय हो मेरे शंकरा....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।