बजरंग बाला तूने मुझे तर दिया

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बजरंग बाला तूने मुझे तर दिया,

सवा मणि मैंने तुझको अर्पण किया,

तेरे नाम पे मैंने अपना जीवन किया,

ना रुके अब सफ़र आये भागल,

तेरी दर्श को जायेगे चल के,

बजा चदाये गे झुला हिलाए गए,

सोचे येही मेरे नैना है झलके,

दादा तेरे हम भगत तेरे नैनो में वासा के तुझ संग मन रंग लिया,

सवा मणि मैंने तुझको अर्पण किया,

तेरे इस धाम में बाला के नाम में,

हम सरे खुशिया पाने लगे है मेहंदीपुर आये जो,

तुझको मनाये जो मन चाहा वर पाने लगे है,

सुन साथिया एक जला के दिया पूजा मैं निस दिन आज पर्ण ये किया,

सवा मणि मैंने तुझको अर्पण किया,

दुःख सरे हारते है भर भंडार भरते है,

उनके दया बिन दुनिया चले न ,

ऊ झूठ जो कहते है पाप जो करते है,

उनको सजा वो देते हमेशा,

है जग की रीत जिसको है बाला से प्रीत पार बेडा उसीका तूने पल भर में किया,

सवा मणि मैंने तुझको अर्पण किया,

बजरंग बाला तूने मुझे तर दिया,

सवा मणि मैंने तुझको अर्पण किया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।