मीठा मीठा बोल तेरा क्या बिगड़े

पारंपरिक
श्री राम भजन जैन भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

मीठा मीठा बोल तेरा क्या बिगड़े,

वीर वीर बोल तेरा क्या बिगड़े,

इस संसार में दम नहीं कब निकले जान मालूम नहीं,

मीठा मीठा बोल तेरा क्या बिगड़े....

सोच समज ले स्वार्थ का संसार,

लाख यत्न कर छूटे न घर बार,

तू जान ले पहचान ले,

संसार किसी का घर नहीं कब निकले दम मालुम नहीं,

मीठा मीठा बोल तेरा क्या बिगड़े....

प्रभु वर तो कहते है बाराम बार,

तप सयम ही जीवन का आधार,

तू जान ले पहचान ले संसार किसी का घर नहीं,

कब निकले जान मालुम नहीं,

मीठा मीठा बोल तेरा क्या बिगड़े....

जिन वर की महिमा है अप्रम पार,

डूभ ती नैया करदो रे भव पार,

तू जान ले पहचान ले संसार किसी का घर नहीं,

कब निकले जान मालुम नहीं,

मीठा मीठा बोल तेरा क्या बिगड़े....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।