धरती पे बड़ा है पापो का भार कृष्णा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

लेके जल्दी से आओ अवतार कृष्णा

धरती पे बड़ा है पापो का भार कृष्णा,

धरती हुई है अब पापो से बाहरी,

पनप रहे है बड़े पापी दुरा चारी,

कंस हुए है बड़े वेशुमार कृष्णा.

धरती पे बड़ा है पापो का भार कृष्णा,

बह रही है धारके कैसी खून की नदिया,

कट रही है तेरी प्यारी प्यारी गैया,

रोक ले ये खून की धार कृष्णा,

धरती पे बड़ा है पापो का भार कृष्णा,

दरोपति की लाज को बचने वाले आप है,

तेरे सिवा हमें मिला इंसाफ है भक्तो का किया है उधर कृष्णा

धरती पे बड़ा है पापो का भार कृष्णा,

आजा रे अब तो नंग्लाल आ जा,

मीरा के प्यारे गोपाल आजा,

भगत करे है ये पुकार कृष्णा,

धरती पे बड़ा है पापो का भार कृष्णा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।