मन जप ले मैया का नाम

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मन जपले मैया का नाम जपले,

कि भाग तेरे जाग जाएँगे,

मन जपले,

मन जपले मैया का नाम जपले,

कि भाग तेरे जाग जाएँगे,

के नाम जप ले….

क्यूँ गर्व करे लड़के का,

जय माँ जय जय माँ,

क्यों गर्व करे लड़के का,

पड़ोसी बन रह जाएँगे,

मन जपले…….

क्यूँ गर्व करे लड़की का,

जय माँ जय जय माँ,

क्यों गर्व करे लड़की का,

ज़वाई राजा ले जाएँगे,

मन जपले…….

क्यूँ गर्व करे महलों का,

जय माँ जय जय माँ,

क्यों गर्व करे महलों का,

कि इक दिन ढह जाएँगे,

मन जपले…..

क्यूँ गर्व करे दौलत का,

जय माँ जय जय माँ,

क्यों गर्व करे दौलत का,

कि चोर आके ले जाएँगे,

मन जपले……

क्यूँ गर्व करे इस तन का,

जय माँ जय जय माँ,

क्यों गर्व करे इस तन का,

कि इक दिन जल जाएगा,

मन जपले….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।