पहन के चोला लाल

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

पहन के चोला लाल,

मैया जी मेरे घर आना

मेरे घर आना मैया,

सबके घर आना,

पहन के चोला लाल,

मैया जी मेरे घर आना.....

मन्दिर में दीपक,

दीपक मे बाती,

मुझको भरोसा तेरा है दाती,

भर देना भंडार,

मैया जी मेरे घर आना,

पहन के चोला लाल,

मैया जी मेरे घर आना…….

घर घर जाऊंगी मैं,

भक्तों को बुलाऊंगी,

जागरण की रात मैं,

ज्योति जलाऊंगी,

करना भव से पार,

मैया जी मेरे घर आना,

पहन के चोला लाल,

मैया जी मेरे घर आना…….

रुखे सूखे टुकड़ों का,

भोग लगाऊंगी,

जब मुझे देंगी दाती,

हलुआ बनाऊंगी,

भर देना भंडार,

मैया जी मेरे घर आना,

पहन के चोला लाल,

मैया जी मेरे घर आना…..

मेरे घर आयेंगी तो,

संगत भी लायेंगी,

संग संग मैया,

तेरी भेंटें गायेंगी,

रखना सबका ख़याल,

मैया जी मेरे घर आना,

पहन के चोला लाल,

मैया जी मेरे घर आना…..

मुझे भी मैया,

कुछ ढंग सिखाना,

देख लिया मैंने सारा जमाना,

भक्तों पे करना उपकार,

मैया जी मेरे घर आना,

पहन के चोला लाल,

मैया जी मेरे घर आना………

मुझे है यकीन मैया,

टालेगी न बात को,

शेर पे सवार होके आयेगी,

मां रात को,

अपने भक्तों से,

करती है प्यार,

मैया जी मेरे घर आना,

पहन के चोला लाल,

मैया जी मेरे घर आना……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।