फूल बिखराओ सारी डगरियाँ में

पारंपरिक
माता दुर्गा आरती दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

फूल बिखराओ सारी डगरियाँ में,

जगदम्बे बिराजी नगरियां में,

मेरी मैया बिराजी नगरियाँ में.....

आरती मैया की आज उतारों,

मैया जी के चरण पखारों,

चरण पखारों,

लाओ गंगाजल भरके गगरियाँ में,

जगदम्बे बिराजी नगरियां में,

मेरी मैया बिराजी नगरियाँ में,

फूल बिखराओ सारी डगरियाँ में,

जगदम्बे बिराजी नगरियां में,

मेरी मैया बिराजी नगरियाँ में…..

घंटा झांझर, शंख बजाओं,

मैया की जयकार लगाओ,

बाँध दो लाल, अटरियाँ में,

जगदम्बे बिराजी नगरियां में,

मेरी मैया बिराजी नगरियाँ में,

फूल बिखराओ सारी डगरियाँ में,

जगदम्बे बिराजी नगरियां में,

मेरी मैया बिराजी नगरियाँ में……

अँगना सुन्दर चौंक पुरावो,

रंगोली सतरंगी सजाओ,

नाम अम्बे का लिख दो,किवरियाँ में,

जगदम्बे बिराजी नगरियां में,

मेरी मैया बिराजी नगरियाँ में,

फूल बिखराओ सारी डगरियाँ में,

जगदम्बे बिराजी नगरियां में,

मेरी मैया बिराजी नगरियाँ में………

नौ दुर्गा के सजे जवारे,

लागे जैसे चंदा तारे,

जस गाओ दिन रात और दुपहरियाँ में,

जगदम्बे बिराजी नगरियां में,

मेरी मैया बिराजी नगरियाँ में,

फूल बिखराओ सारी डगरियाँ में,

जगदम्बे बिराजी नगरियां में,

मेरी मैया बिराजी नगरियाँ में……..

जगदम्बा माँ आज पधारीं,

जय जयकार करें नर नारी,

ऊँचा आसन लगा है बजरियाँ में,

जगदम्बे बिराजी नगरियां में,

मेरी मैया बिराजी नगरियाँ में,

फूल बिखराओ सारी डगरियाँ में,

जगदम्बे बिराजी नगरियां में,

मेरी मैया बिराजी नगरियाँ में……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।