गरीबो के घर भी भोग खाना पड़ेगा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

ज्योत जली तेरी तुझे आना पड़ेगा,

गरीबो के घर भी भोग खाना पड़ेगा,

नही है मिश्री मेवा खिंचड़ा ही मिलेगा,

गरीबो के घर भी भोग खाना पड़ेगा......

भावो के फूलों से कुटिया सजाई,

माटी के रंगों से शोभा बढ़ाई,

घास का है आसन बिछाना पड़ेगा,

गरीबो के घर भी भोग खाना पड़ेगा,

ज्योत जली तेरी तुझे आना पड़ेगा,

गरीबो के घर भी भोग खाना पड़ेगा…..

गंगाजल लाइके छिड़काव कराया,

रोली ओर मोली से थाल सजाया,

कह आया सारी नगरी आना ही पड़ेगा,

गरीबो के घर भी भोग खाना पड़ेगा,

ज्योत जली तेरी तुझे आना पड़ेगा,

गरीबो के घर भी भोग खाना पड़ेगा......

पंडित सत्संगी को सबको बुलाया,

कोरे से बर्तन में भोग बनाया,

भजन हमरे सुनके आना ही पड़ेगा,

गरीबो के घर भी भोग खाना पड़ेगा,

ज्योत जली तेरी तुझे आना पड़ेगा,

गरीबो के घर भी भोग खाना पड़ेगा…...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।