ओ मैया तेरा सोलह श्रृंगार

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

ओ मैया तेरा सोलह श्रृंगार,

ओ मैया, तेरा सोलह श्रृंगार,

बिंदिया तेरी लाल है,

माँ टीका तेरा लाल है,

ओ मैया सिंदूरा तेरा लाल है,

ओ मैया तेरा सोलह श्रृंगार,

ओ मैया, तेरा सोलह श्रृंगार.....

बाली तेरी लाल है माँ,

झुमके तेरे लाल है,

ओ मैया नथनी का रंग लाल है,

ओ मैया तेरा सोलह श्रृंगार,

ओ मैया, तेरा सोलह श्रृंगार.....

चूड़ी तेरी लाल है माँ,

मेहंदी तेरी लाल है,

ओ मैया साड़ी का रंग लाल है,

ओ मैया तेरा सोलह श्रृंगार,

ओ मैया, तेरा सोलह श्रृंगार.....

लहंगा तेरा लाल है माँ,

जम्फर तेरा लाल है,

ओ मैया चुनरी का रंग लाल है,

ओ मैया तेरा सोलह श्रृंगार,

ओ मैया, तेरा सोलह श्रृंगार.....

बिछुए तेरे लाल है माँ,

पायल तेरी लाल है,

ओ मैया महावर का रंग लाल है,

ओ मैया तेरा सोलह श्रृंगार,

ओ मैया, तेरा सोलह श्रृंगार.....

हलवा तेरा लाल है माँ,

पूरी तेरी लाल है,

ओ मैया मेवे का रंग लाल है,

ओ मैया तेरा सोलह श्रृंगार,

ओ मैया, तेरा सोलह श्रृंगार.....

ढोलक तेरे लाल है माँ,

छैने तेरे लाल हैं,

ओ मैया भक्तों का रंग लाल है,

ओ मैया तेरा सोलह श्रृंगार,

ओ मैया, तेरा सोलह श्रृंगार.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।