साडा परिवार माँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

हर पल देंदी रैही सानू तु प्यार माँ ॥

सदा सुखी हंसे वसे साडा परिवार माँ ॥

साडे उते रैहण सदा , रहमतां माँ तेरीया ॥

कदे वी न ढाईये असी , आसां दिया ढेरीया ॥

करेगी तु मेहर सदा , सानु एतवार माँ ॥

हाथ जोड़ खडे सानु , दे तु दुआवा माँ ॥

दुर रैहण साडे कोलो , माडीया बलामा माँ ॥

कदे वी न होवे साडी , जिन्दगी च हार माँ ॥

रखी तु खयाल माऐ , दुख नेडे आऊण न ॥

बच्चियां दा तेरे माऐ , मन तडफा ऊण न ॥

अटके न न बेडी साडी , अधं विचकार माँ ॥

हर पल हर घड़ी , तेनू ही ध्याये माँ ॥

भूल के वी असी कदे , तेनू न भुलाईये माँ ॥

' सागर ' दे नाल जोड़ , दिल वाली तार माँ ॥

Singer :- kumar - Sanjeev

Contact :- 098141 - 62145

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।