गली गली में धूम मची है देवा तेरे नाम की

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गली गली में धूम मची है,

देवा तेरे नाम की,

देवा तेरे नाम की,

गली गली में धूम मची है,

देवा तेरे नाम की,

घर घर पूजा और भक्ति है,

घर घर पूजा और भक्ति है,

देवा तेरे नाम की,

देवा तेरे नाम की,

गली गली में धूम मची है,

देवा तेरे नाम की,

देवा तेरे नाम की.....

गली गली में,

गली गली में...

देव तुम्हारे,

देव तुम्हारे आगे आकर,

अपना शीश झुकाये,

अपना शीश झुकाये,

भक्त तुम्हारा दर्शन करके,

सारे खुश हो जाये,

सारे खुश हो जाये,

बुझ न सके वो,

बुझ न सके वो,

बुझ न सके वो ज्योत जली है,

देवा तेरे नाम की,

गली है देवा तेरे नाम की,

घर घर पूजा और भक्ति है,

देवा तेरे नाम की,

देवा तेरे नाम की,

गली गली में,

गली गली में....

जिसका जग में,

जिसका जग में,

नहीं है कोई,

उसका साथ निभाओ,

उसका साथ निभाओ,

कितने संकट आये फिर भी,

मंज़िल तक पहुँचाओ,

मंज़िल तक पहुँचाओ,

सारी दुनिया,

सारी दुनिया,

सारी दुनिया दीवानी है,

देवा तेरे नाम की,

देवा तेरे नाम की,

घर घर पूजा और भक्ति है,

देवा तेरे नाम की,

देवा तेरे नाम की,

गली गली में,

गली गली में....

तुम न होते,

तुम न होते,

गणपती बाबा,

देता कौन सहारा,

देता कौन सहारा,

किस्से कहते दुखड़े अपने,

होता कौन हमारा,

सब पर मस्ती सी छायी है,

सब पर मस्ती सी छायी है,

देवा तेरे नाम की,

देवा तेरे नाम की,

घर घर पूजा और भक्ति है,

देवा तेरे नाम की,

देवा तेरे नाम की,

गली गली में धूम मची है,

देवा तेरे नाम की,

देवा तेरे नाम की,

गली गली में,

गली गली में....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।