भक्तो की हरलो सारी पीड़

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

भक्तों की हरलो सारी पीड़,

जगदम्बा मईया,

भक्तों की हरलो सारी पीड़,

ओ सिंघा वाली....

दुखिया रहे न कोई दुखिया,

सुखिया हो जाये संसार,

ओ सिंघा वाली,

भक्तों की हरलो सारी पीड़,

ओ सिंघा वाली....

निर्धन रहे न निर्धन कोई,

हो जाये सब धनवान,

ओ सिंघा वाली,

भक्तों की हरलो सारी पीड़,

ओ सिंघा वाली....

मूरख रहे न मूरख कोई,

हो जाये सब गुणवान,

ओ सिंघा वाली,

भक्तों की हरलो सारी पीड़,

ओ सिंघा वाली....

लंगड़ा रहे न लंगड़ा कोई,

द्वारे तुम्हारे चल के आये,

ओ सिंघा वाली,

भक्तों की हरलो सारी पीड़,

ओ सिंघा वाली....

जो गाते है गुन तेरे अम्बे,

उनको दे दो भक्ति दान,

ओ सिंघा वाली,

भक्तों की हरलो सारी पीड़,

ओ सिंघा वाली....

राजेन्द्र गाते गुण तेरा अम्बे,

करदो हमारा बेड़ा पार,

ओ सिंघा वाली,

भक्तों की हरलो सारी पीड़,

ओ सिंघा वाली....

गीतकार/गायक-राजेन्द्र प्रसाद सोनी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।