खेल है तेरे निराले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन विविध भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज - अर र मेरी जान है राधा

अ र र, तेरे खेल निराले,

बाबोसा चुरू वाले,

कलयुग में बाबा मशहूर तू,

सच्चा है तू सच्चा तेरा दरबार,

दिन दुखियों का तू ही दातार,

अजब अनोखे है तेरे चमत्कार,

हो रही जग में तेरी जय जयकार,

अ र र, तेरे खेल निराले,

बाबोसा चुरू वाले,

कलयुग में बाबा मशहूर तू.....

रोज नये चमत्कार करता है तू,

भक्तो के संकट को हरता है तू,

सबकी मुरादे पूरी करता है तू,

बिन मांगे झोलियाँ भरता है तू,

अ र र, तेरे खेल निराले,

बाबोसा चुरू वाले,

कलयुग में बाबा मशहूर तू.....

पल में पलट जाये किस्मत की रेख,

एक बार चुरू धाम आके देख,

एक नही लाखो की बनी है तकदीर,

संकट मोचन बन हरे सबकी पीर,

अ र र, तेरे खेल निराले,

बाबोसा चुरू वाले,

कलयुग में बाबा मशहूर तू.....

बाईसा को मिला श्री बाबोसा का प्यार,

बाबोसा का होता बाईसा में दीदार,

कृपा बाबोसा की बाईसा का उपकार,

दिलबर मिला है खुशियों का संसार,

अ र र, तेरे खेल निराले,

बाबोसा चुरू वाले,

कलयुग में बाबा मशहूर तू.....

सच्चा है तू सच्चा तेरा दरबार,

दिन दुखियों का तू ही दातार,

अजब अनोखे है तेरे चमत्कार,

हो रही जग में तेरी जय जयकार,

अ र र, कपिल को दर बुलाले,

ओ दिलबर दिल मे बसा ले,

मेरे जीवन का आधार तू.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।