मन पावन बनायेंगे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

मन पावन बनायेंगे भक्ति जगायेंगे,

गणपति बाप्पा में ध्यान लगायेंगे....

जीवन के दिन चार कोई पल व्यर्थ ना जाये,

जीवन के दिन चार कोई पल व्यर्थ ना जाये,

देवा जब चाहेंगे दर्शन तब पाएंगे,

मयाबी दुनिया के बंधन मिटायेंगे,

नईया करेंगे वो ही पार कोई पल व्यर्थ ना जाए,

नईया करेंगे वो ही पार कोई पल व्यर्थ ना जाए.....

गणपति जी गणनायक है दुखहर्ता सुखदायक है,

विघ्न वे हरते भक्तों के भोले वरद विनायक हैं,

शरण में जो भी आये अभय वचन वो पाए,

कर पाए न दवा जो इनकी दुआ कर जाये.....

दिन बीत जाएंगे लौट ना आएंगे,

वक़्त गवाए जो फिर वो पछतायेंगे,

डूब जाएंगे मजधार, कोई पल व्यर्थ ना जाए,

डूब जाएंगे मजधार कोई पल व्यर्थ ना जाए,

देवा जब चाहेंगे दर्शन दिखलायेंगे,

मयाबी दुनिया के बंधन मिटायेंगे,

नईया करेंगे वो ही पार कोई पल व्यर्थ ना जाए,

नईया करेंगे वो ही पार कोई पल व्यर्थ ना जाए……

मोह का सागर गहरा है माया ख्वाब सुनहरा है,

जग मुशाफिर खाना है कौन सदा यहां ठहरा है,

लोग अधिक ललचाये कामना बढ़ती जाए,

क्रोध अगन ज्वालायें ज्ञान से ही बुझ पाए,

मोह भगाएंगे माया हटाएंगे,

काम दहन कर क्रोध भुलायेंगे,

मौका मिले ना हर बार कोई पल व्यर्थ ना जाए….

मौका मिले ना हर बार कोई पल व्यर्थ ना जाए,

मन पावन बनायेंगे भक्ति जगायेंगे,

गणपति बाप्पा में ध्यान लगायेंगे,

जीवन के दिन चार कोई पल व्यर्थ ना जाये,

जीवन के दिन चार कोई पल व्यर्थ ना जाये….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।