माता का संदेशा आया है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जय माँ जय माँ

अंबे माँ

जय माँ जय माँ

अंबे माँ

माता का संदेशा आया हैं,

दर्शन को माँ ने बुलाया है,

आज माँ ने अपना वचन निभाया हैं,

देर से ही पर माँ ने बुलाया हैं,

रखे सबका खयाल शेरावाली माँ,

छोड़े ना बेहाल ज्योतावाली माँ,

कभी उठे न सवाल के बिसार देगी माँ,

करे सबको निहाल मेहरवाली माँ,

माता का संदेशा आया है,

दर्शन को माँ ने बुलाया हैं,

जय माता दी...

ऊँचे पहाड़ो पे तेरा तेरा वास हैं,

दूर हु फिर भी मन मेरा माँ तेरे पास हैं,

कर तेरी भक्ति माँ मिलती मुझे शक्ति,

तेरा नाम ले कष्टों से मिलती मुझे मुक्ति,

बिगड़े काज सवारती देती माँ,

भाव से पार उतार देती माँ,

सुख का सदा भंडार देती माँ,

भक्तो को प्यार दुलार देती माँ,

प्यार उमड़ के माँ ने लुटाया हैं,

दर्शन को माँ ने बुलाया है,

माता का संदेशा आया है,

दर्शन को माँ ने बुलाया हैं,

जय माता दी....

जय माता दी बोलो

जय माता दी बोलो

जय माता दी बोलो

जय माता दी बोलो

जगमग माँ तेरी ज्योत से मिले रास्ता,

तू है तो क्यों में जगत से रखु वासता,

तू ही मुझे हसाती है हर आस बनाती हैं,

ए माँ बुरी नजरो से तू ही सदा बचाती हैं,

कर सदा उपकार बिन कहे माँ,

आये दुखड़े हज़ार संग रहे माँ,

मेरी जीत मेरी हार न्याय कर माँ,

मेरा सुखी संसार सदा रखे माँ,

मन्नतो का मान बढ़ाया हैं,

दर्शन को माँ ने बुलाया है,

माता का संदेशा आया है,

दर्शन को माँ ने बुलाया हैं,

जय माता दी....

जय माँ

जय माँ

जय माँ अंबे माँ

जय अंबे जय माँ भगवती जय माँ शारदे,

मोह से माया से मुझे है माँ तार दे,

मेरी भूल क्षमा करना माँ,

मुझ पे दया करना,

सदा तुझको ही सिमरु माँ,

बस इतनी कृपा करना,

छोड़ के ये द्वारा बोलो कहा जाऊ माँ,

तुझसा दुलार और कहा पाऊ माँ,

हात तेरा जब हैं माँ सर पे,

बोल तू ही अब क्यों में घबराऊ माँ,

विश्वास मेरा पल पल गहराया हैं,

दर्शन को माँ ने बुलाया हैं,

माता का संदेशा आया है,

दर्शन को माँ ने बुलाया हैं,

माता का संदेशा आया है,

दर्शन को माँ ने बुलाया हैं,

जय माता दी......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।