भक्तो फूलो की बरसात करो

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

भक्तो फूलो की बरसात करो,

दर्शन देने माँ झंडे वाली आई है,

झंडे वाली का दर्श निराला है,

कण कण में ज्योत समाई है,

भक्तो फूलो की बरसात करो....

जो भी माँ की महिमा गाते है,

वो मन की मुरादे पाते है,

जिस मन में माँ वसे माँ की मूरत,

उस ने ही जन्नत पाई है,

भक्तो फूलो की बरसात करो…….

उचे आसन पे बिराजे माँ,

तू ही लाल चोले में साजे माँ,

मेरी मैया की शान निराली है,

सारी दुनिया ही रोशनाई है,

भक्तो फूलो की बरसात करो…..

माँ का दरबार दिल्ली में,

बड़ी रेहमत बरसे दिल्ली में,

दिलशाद जो पीते चरनामित,

उसने ही जन्नत पाई है,

भक्तो फूलो की बरसात करो…

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।