जोगिया महिमा तेरी अपार

पारंपरिक
महादेव भजन बाबा बालक नाथ भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जोगिया महिमा तेरी अपार,

कर दो मुझको भी भव से पार,

करदे तू बाबा कर देना मुझे भाव से पार,

जोगिया महिमा तेरी अपार....

शिव के भगत हो बाबा तुम बालक नाथ,

हारः पकड़ लो छोड़ना ना कभी मेरा साथ,

करो मेरा भी उद्दार करदो मुझको भी भव से पार,

जोगिया महिमा तेरी अपार....

लाखो भक्त है दर पे आते तेरे जोगिया,

हाथ फैलाते झोली फैलाते तेरे आगे जोगिया,

भर दो जोगी भंडार करदो मुझको भी भव से पार,

जोगिया महिमा तेरी अपार....

राजू का सर तेरे चरणों में बाबा बालक नाथ,

तेरे शरण में दू अपनी जींद वार,

मेरा हो जाये बेड़ा पार,

जोगिया महिमा तेरी अपार....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।