सोण महीना चडियां पिपली पीघां पाईयां ने

सुखराज नाफरीया
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सोण महीना चडियां पिपली पीघां पाईयां ने

पीघां झुटण मईया दे नाल कंजका आईया ने-॥

देखन अजब नजारा आ के चन सुरज ते तारे

मईया पींघ झुटदी -॥ कंजका देन हुलारे -॥

विषणु अते बरुमा शिव भोले भडारी जी

देखन आये मईया जी दी लीला नियारी जी-॥

जै माता दी बोलदे ने ओ -॥ हथ जोड के सारे

मईया पींघ झुटदी़..........

धरती नचदी अबंर झुमे नच पाताल रिहा

देख देख खुश हुदें एह जो हो कमाल रिहा-॥

खुशीयां दे बिच देखो सारे-॥ लाऊण मा दे जैकारे

मईया पींघ झुटदी़..........

सिर ते मुकट सोने दा बाही चुडा़ पाया ए

मईया जी ने बहुता सोहणा रुप बनाया ए-॥

हथा वाली मैहदीं दुरो-॥ पई मारे लिशकारे

मईया पींघ झुटदी़़..........

सबदे दिला दी जानण वाली शेरावाली मां

कंजका दे नाल पींघ झुटदी मेहरावाली मां-॥

बिटटु ते सुखराज लिखारी-॥ एहो सच ऊचारे

मईया पींघ झुटदी़...........

लेखक-सुखराज नाफरीया

गायक-विपन शरमा बिटटु

मोबाईल-098154 02742

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।