तेरे नाम दे बोलन जयकारे

पारंपरिक
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॥ पावन पाठ ॥

तेरे उत्ते तेरे उत्ते आस रखदे,

आस रखदे ने भगत प्यारे,

सारी रात जागरण विच दातया,

तेरे नाम दे बोलन जयकारे......

तेरे आऊंन वाली आस लाई दातया,

श्रद्धा नाल ज्योत मैं जगाई दातया,

आजा तुसी देर क्यों लगाई दातया,

लखां भगतां दे काज सवारे,

सारी रात जागरण विच दातया,

तेरे नाम दे बोलन जयकारे......

कार दी सवारी कर आजा दातया,

भगता नू दर्श दिखा जा दातया,

इक वारी बिगड़ी बना जा दातया,

अज्ज करदे उडीका सारे,

सारी रात जागरण विच दातया,

तेरे नाम दे बोलन जयकारे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।