भगवान वनों में घूम रहे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

भगवान वनों में घूम रहे मेरी सिया गई तो कहां गई....

बेला चमेला तुम ही बता दो,

मेरी सीता का पता लगा दो,

क्या खुशबू बनकर निकल गई, मेरी सिया गई तो कहां गई....

तोता मैना तुम ही बता दो,

मेरी सीता का पता लगा दो,

क्या तितली बन के उड़ गई, मेरी सिया गई तो कहां गई....

हे खग मृग हे मधुकर सैनी,

तुम देखी सीता मृगनैनी,

क्या हिरनी बन के निकल गई, मेरी सिया गई तो कहां गई....

चंदा सूरज तुम ही बता दो,

मेरी सीता का पता लगा दो,

क्या तारे बन के निकल गई, मेरी सिया गई कहां गई.....

गंगा जमुना तुम ही बता दो,

मेरी सीता का पता लगा दो,

क्या लहरे बनकर बह गई, मेरी सिया गई तो कहां गई.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।