साडे बेड़े खुशियां दा चन्न चढ़ेया

पारंपरिक
श्री गणेश भजन कृष्ण भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

साडे बेड़े खुशियां दा चन्न चढ़ेया,

भगता दे नाल साडा वेड़ा भरया,

देयो बधाइयां सानू देयो बधाइयां.....

अयोध्यापुरी तो श्री राम आए ने,

बंसी बजा दे राधे श्याम आए ने,

मेहरा वाला जय हो...

मेहरा वाला हाथ साडे सिर धरया,

संगता दे नाल साडा वेड़ा भरया,

देयो बधाइयां सानू देयो बधाइयां.....

कैलाश पर्वत तो भोले बाबा आए ने,

गौरा गणपति नू साथ ले आए ने,

ओ मेहरा वाला जय हो..

मेहरा वाला हाथ साडे सिर धरया,

संगता दे नाल साडा वेड़ा भरया,

देयो बधाइयां सानू देयो बधाइयां.....

सुंदर गुफा तो शेरावाली आइ ए,

बग्गा बग्गा शेर अपने नाल ले आइ ए,

मेहरा वाला जय हो...

मेहरा वाला हाथ साडे सिर धरया,

संगता दे नाल साडा वेड़ा भरया,

देयो बधाइयां सानू देयो बधाइयां.....

शिर्डी तो साईं बाबा आए ने,

सारी संगत नेू नाल ले आए ने,

मेहरा वाला जय हो...

मेहरा वाला हाथ साडे सिर धरया,

संगता दे नाल साडा वेड़ा भरया,

देयो बधाइयां सानू देयो बधाइयां.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।