तुम मेरे हो मैं तेरा हूँ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तुम मेरे हो बाबा मेरे हो,

बस मेरे हो बाबा मेरे हो,

मैं तेरा हूँ बाबा तेरा हूँ,

जैसा भी हूँ बाबा तेरा हूँ.....

तुम मात पिता तुम गुरु मेरे,

तुम प्रेमी हो तुम मित्र मेरे,

तुम ईश्वर हो परमेश्वर हो,

बस मेरे हो बाबा मेरे हो,

मैं तेरा हूँ बाबा तेरा हूँ,

जैसा भी हूँ बाबा तेरा हूँ.....

तुम आज मेरे तुम ही कल हो,

तुम अन्न मेरे तुम ही जल हो,

तुम जन्म मेरे और अंत भी हो,

बस मेरे हो बाबा मेरे हो,

मैं तेरा हूँ बाबा तेरा हूँ,

जैसा भी हूँ बाबा तेरा हूँ....

तुम प्यारे हो तुम न्यारे हो,

तुम हो आँखों के तारे हो,

तुम चाँद मेरे तुम सूरज हो,

बस मेरे हो बाबा मेरे हो,

मैं तेरा हूँ बाबा तेरा हूँ,

जैसा भी हूँ बाबा तेरा हूँ.....

तुम ही दीपक तुम बाती मेरे,

तुम सुख दुःख के हो साथी मेरे,

तुम राह मेरी तुम मंज़िल हो,

बस मेरे हो बाबा मेरे हो,

मैं तेरा हूँ बाबा तेरा हूँ,

जैसा भी हूँ बाबा तेरा हूँ.....

तुम स्वांस मेरे तुम ख़ास मेरे,

तुम पास मेरे तुम साथ मेरे,

तुम धड़कन हो तुम जीवन हो,

बस मेरे हो बाबा मेरे हो,

मैं तेरा हूँ बाबा तेरा हूँ,

जैसा भी हूँ बाबा तेरा हूँ.....

तुम गीत मेरे संगीत मेरे,

तुम भाव मेरे तुम चाव मेरे,

तुम ही सुख हो तुम ही धन हो,

बस मेरे हो बाबा मेरे हो,

मैं तेरा हूँ बाबा तेरा हूँ,

जैसा भी हूँ बाबा तेरा हूँ.....

बल्लू कहता तुम नाम मेरे,

तुम काम मेरे सम्मान मेरे,

तुम हिम्मत हो तुम ही बल हो,

बस मेरे हो बाबा मेरे हो,

मैं तेरा हूँ बाबा तेरा हूँ,

जैसा भी हूँ बाबा तेरा हूँ......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।