मन की शांति का द्वार

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम का दरबार, मन की शांति का द्वार,

ॐ शन्ति, मन की शान्ति, तन की शान्ति,

क्रोध शान्ति,

जब सब शांति, तव राम करे उद्धार....

जब मन शून्य में चला जाता हैं,

तव आत्मा और मन, परम् सुख पाता है,

आत्मा परमात्मा है, राम की अवतार.....

जब राममय हो तन मन धन,

मोह माया छोड़कर, सब कुछ हो अर्पण,

तव जाकर प्रभु राम, करते भक्ति स्वीकार....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।