कितना सुंदर मृग नाथ पंचवटी आया है

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

कितना सुंदर मृग नाथ,

पंचवटी आया है,

लाओ मृग को पकड़,

नाथ मेरे मन को भाया है.....

सुनी राम सीता की वाणी,

तुरंत उठे कसी धनुष कमानी,

लाये धनुष और बाण,

मृग के पीछे आया है,

कितना सुंदर मृग नाथ,

पंचवटी आया है,

लाओ मृग को पकड़,

नाथ मेरे मन को भाया है.....

मृग ने कपट किया,

अति भारी,

जाके गगन में,

आवाज निकाली,

बोल कपट के बोल,

भैया लक्ष्मण को पुकारा है,

कितना सुंदर मृग नाथ,

पंचवटी आया है,

लाओ मृग को पकड़,

नाथ मेरे मन को भाया है.....

सुनकर सीता अकुलाई,

मन में धीरज आवत नाहीं,

सुनों लखन के वीर भैया जी,

संकट आया है,

कितना सुंदर मृग नाथ,

पंचवटी आया है,

लाओ मृग को पकड़,

नाथ मेरे मन को भाया है.....

बोले लखन धीर धरो माता,

आज्ञा होय तुम्हारी मैं जाता,

तीन लोक के नाथ,

उन्हें कोई मार ना पाया है,

कितना सुंदर मृग नाथ,

पंचवटी आया है,

लाओ मृग को पकड़,

नाथ मेरे मन को भाया है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।